बजरंग ने रजत जीता, दो पदक जीतने वाले भारत के पहले पहलवान बने

बजरंग पुनिया ने सोमवार को यहां विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप में भारत को रजत पदक दिलाया। जापान के ताकुतो ओतोगुरो ने उन्हें फ्रीस्टाइल 65 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में 16-9 से हराया। ताकुतो विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले जापान से सबसे युवा पहलवान बने। बजरंग भले ही स्वर्ण जीतने से चूक गए, लेकिन वे विश्व चैम्पियनशिप में दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय पहलवान बन गए। उन्होंने 2013 में इसी जगह फ्रीस्टाइल 61 किग्रा भार वर्ग में कांस्य पदक जीता था। बजरंग ने इस साल कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाड में स्वर्ण पदक जीते थे।

सिर्फ सुशील कुमार ही जीत पाएं हैं स्वर्ण पदक
विश्व चैम्पियनशिप के 67 साल के इतिहास में भारत अब तक एक ही स्वर्ण पदक जीत पाया है। 2010 मॉस्को वर्ल्ड चैम्पियनशिप में सुशील कुमार ने भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता था। सुशील दो ओलिंपिक में भी पदक जीत चुके हैं।

बजरंग पुनिया का फाइनल तक का सफर
बजरंग ने क्वालिफिकेशन में मेजबान हंगरी के रोमन अशरिन को 9-4 से मात दी। प्री-क्वार्टरफाइनल में कोरिया के स्युंगचुल ली को 4-0 से हराया। क्वार्टरफाइनल में मंगोलिया के तुलगा तुमुर ओछीर की चुनौती 5-3 से तोड़ी। सेमीफाइनल में क्यूबा के एलेसांद्रो एनरिक को 4-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। 

फाइनल में जापान के ताकुतो ने आक्रामक शुरुआत की। पहले 30 सेकंड में ही वे 5-0 से आगे हो गए थे। बजरंग ने वापसी की और लगातार अंक बनाए। तीन मिनट के पहले राउंड के बाद बजरंग 6-7 से पीछे थे।

इसके बाद जापानी खिलाड़ी ने कोई मौका नहीं दिया और लगातार अंक बटोरे और बढ़त 12-6 कर ली। छह मिनट के मुकाबले में बजरंग कभी भी बढ़त नहीं बना सके और 19 साल के ताकुतो ने 16-9 से मुकाबला जीत लिया।

इस पोस्ट पर कई भाजपा कार्यकर्ताओं ने आपत्तिजनक कमेंट किए थे। मनोज ने भाजपा कार्यकर्ताओं को यह कमेंट हटाने के लिए कहे। इसके बाद विवाद बढ़ता चला गया और कमेंट सेक्शन में अभद्र भाषा का इस्तेमाल शुरू हो गया।आरोप है कि इसी बात को लेकर शाम को मनोज पर चाकू से हमला किया गया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां देर रात मौत हो गई। पुलिस को आशंका है कि फेसबुक पोस्ट के दौरान हुए विवाद में ही मनोज की हत्या हुई है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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